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चीनी में सुधार के आसार


मुजफ्फरनगर। पिछले 5/6 दिनों के दौरान चीनी में मुनाफावसूली बिकवाली रहने के कारण कुल मिलाकर कीमत में नरमी का रुख रहा है। हालांकि नरमी के माहौल को देख अधिकांश चीनी मिलों ने अपनी बिक्री बंद रखी। मिलों की रणनीति को देख आगामी दिनों कीमत में सुधार के आसार दिखाई दे रहे हैं।
व्यापारिक सूत्रों के अनुसार होली पर्व की खपत को देख अब मिलों में पूछपरख बढ़ने की संभावना व्यक्त होने लगी है। इसको देख मिलें भाव बढ़ाने का प्रयास करेंगी। आगामी दिनों भाव बढ़ाने में कितनी सफलता मिलेगी, यह तो अभी भविष्य के गर्भ में है। फिर भी अधिकांश जानकार कीमत में 75/100 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि आने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं। व्यापार भास्कर के अनुसार इस वर्ष गन्ना का उत्पादन कमजोर रहने के कारण चीनी उत्पादन में कमी आने की संभावना सीजन की शुरूआत में ही होने लगी थी। परिणामस्वरूप ही कीमत में उस समय से ही वृद्धि आने लगी जिस समय उत्पादन पिछले वर्ष के मुकाबले बेहतर स्थिति में था।
उत्पादन के अनुमान में कमी आ चुकी है। जिसके परिणामस्वरूप मिलें भाव बढ़ाने के प्रयास में हैं किन्तु इस वर्ष के हालात लम्बे समय तक तेजी का संकेत नहीं दे रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष चीनी का शेष स्टॉक 75 लाख टन और उत्पादन 214/215 लाख टन भी रहता है तो भी चीनी की उपलब्धता खपत से अधिक बैठती है। बढ़ती हुई कीमत के कारण एक पक्ष चीनी के आयात शुल्क में कमी चाहता है जबकि मिलें आयात के विरोध में है। इसी के कारण पिछले दिनों कीमत में 50/75 रुपये की गिरावट आई है जिसकी भरपाई आगामी दिनों में होने के अनुमान हैं।