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हल्दी उत्पादन 80/82 लाख बोरी पहुंचने के आसार


लिवाली के अभाव में गट्ठा 60 रुपये पर आने का खतरा
ईरोड। हल्दी की नई आवक निजामाबाद में 1300 बोरी, ईरोड में 2500 बोरी और सांगली में 4000/5000 बोरी दैनिक के लगभग पहुंच चुकी है। उत्पादक क्षेत्रों की मंडियों में बढ़ती आवक को देख लिवाल कमजोर है।
कुछ लोग अभी विधानसभा चुनाव के कारण ग्राहकी का अभाव आगामी 10/15 मार्च तक रहने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं इसलिए कीमत में नरमी का माहौल बना रहेगा। मार्च के दौरान दिसावर की लिवाली बढ़ेगी। तब तक सभी मंडियों में आवक अच्छी—खासी ऊंचाई पर पहुंच जायेगी। इसलिए बढ़ती आवक ऊँट के मुंह में जीरा ही साबित होगी।
पिछले वर्ष घाटे का सामना करने वाला स्टॉकिस्ट इस वर्ष जल्द खरीद के मैदान में नहीं आयेगा। एक ओर लिवाली का अभाव और दूसरी ओर बिकवाली के दबाव में भाव गिरावट की ओर रहेंगे। यह गिरावट कितनी आयेगी यह तो आने वाला समय ही बतायेगा किन्तु इस समय यही कहा जा रहा है कि हल्दी के निम्न भाव मार्च—अप्रैल के दौरान देखे जा सकते हैं। ईरोड में इस समय गट्ठा 75 रुपये और फली 82/83 रुपये प्रति किलो पर बोली जा रही है। उत्पादन इस वर्ष 80/82 लाख बोरी होने के आसार हैं जो पिछले वर्ष 60/65 लाख बोरी रहा था। शेष स्टॉक 25/27 लाख बोरी बताया जा रहा है। उत्पादन और स्टॉक को देख इस वर्ष हल्दी की मौजूदगी देशभर में 100/105 लाख बोरी के लगभग बताई जाती है। खपत 60/65 लाख बोरी के लगभग बताई जाती है। खपत से हल्दी काफी अधिक मौजूद होने के कारण इस वर्ष भी हल्दी से तेजी का रंग गायब रहेगा। इसी के कारण इस वर्ष स्टॉकिस्ट बहुत ही सोचकर हल्दी में हाथ डालेगा। इसलिए ईरोड गट्ठा 60/61 रुपये प्रति किलो पर आने के आसार हैं।