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नई आवक को देख गेहूं की तेजी गायब


दिल्ली। पिछले 5/7 दिनों से गेहूं में लिवाल कमजोर और बिकवाल मजबूत देखा जा रहा है। इसलिए बाजार में नरमी का माहौल बना हुआ है। जैसे—जैसे समय बढ़ेगा वैसे—वैसे ही कीमत में नरमी बढ़ेगी।
उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में नये गेहूं की आवक गत माह के अन्तिम दिनों ही शुरू हो गयी थी। अब मौसम साफ होने के कारण आवक में धीरे—धीरे वृद्धि आने लगी है।
इस समय मध्य प्रदेश की इंदौर मंडी में नये माल की आवक 200/250 बोरी के लगभग होने लगी है जबकि रतलाम में आवक 200/250 बोरी के लगभग बताई जा रही है।
अभी माल में नयी 7/10 प्रतिशत है। आगामी दिनों क्वालिटी में सुधार और आवक में वृद्धि आयेगी। इसको देख फ्लोर मिलों की लिवाली में कमी आनी निश्चित है। आगामी दिनों एक ओर लिवाली का अभाव रहेगा, वहीं कीमत घटने के डर से बिकवाली का दबाव रहेगा क्योेंकि इस वर्ष देश भर में बिजाई 20/21 लाख हेक्टेयर के लगभग बढ़ रही है। मौसम को फसल का साथ भी भरपूर मिल रहा है। पिछले दिनों हुई शरद ऋतु की वर्षा से फसल को शानदार लाभ मिला है इसलिए इस वर्ष उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के आसार हैं जो आगामी दिनों कीमत घटाने में अहम भूमिका अदा करेगा।
जिस प्रकार खेतों में खड़ी फसल को अभी तक मौसम का साथ मिला रहा है उसी प्रकार आगामी दिनों भी मिलता रहा तो कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आनी निश्चित है।
ध्यान रहे कि इस वर्ष गेहूं उत्पादन में कमी आने के कारण कीमत फसल के समय ही जोरदार वृद्धि दर्ज कर गयी थी। उसी समय कीमत में जोरदार उछाल के अनुमान लगाये जाने लगे किन्तु सरकार ने आयात को सुगम बनाकर बढ़ती कीमत पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जो प्रयास काफी समय तक सफल भी रहा। पिछले दिनों के मुकाबले डॉलर कमजोर पड़ा है और लिवाल गायब होने लगा है। इसलिए कीमत में वृद्धि के आसार धूमिल पड़ने लगे हैं हालांकि आवक का दबाव होने के बाद ही बनेगा।