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मटर में अब लिवाल पड़ेगा कमजोर


कानपुर। बीते वर्ष के दौरान दलहनों में आई जोरदार तेजी का लाभ मटर को भी अच्छा—खासा मिला। कीमत एकतरफा बढ़ती हुई अच्छी—खासी ऊँचाई पर पहुंच गई। जिनमें अब धीरे—धीरे गिरावट की संभावना बन चुकी है।
व्यापारिक सूत्रों का कहना है कि मटर के भाव अन्य दलहनों के मुकाबले काफी नीचे होने के कारण इसकी खपत में गत वर्ष जोरदार उछाल आया। इसलिए आयात की भरमार होते हुए भी तेजी की पटरी पर एकतरफा बढ़ता चला गया, जिसको अब ब्रेक ही नहीं लगेगा बल्कि गिरावट भी आयेगी।
मटर का उत्पादन मुख्य रूप से कनाडा में होता है। देश में आयात भी कनाडा से भारी मात्रा में होता है। इसलिए कनाडा के रुख पर घरेलू बाजार की चाल बहुत कुछ निर्भर करती है। यदि कनाडा की फसल पर नजर डाली जाए तो वर्ष 2017—18 के दौरान बिजाई 16.72 लाख हेक्टेयर में होने का अनुमान है जो गत वर्ष 16.86 लाख हेक्टेयर में हुई थी।
इसलिए बिजाई क्षेत्र में विशेष बदलाव नहीं आया है किन्तु मौसम के रुख को देख उत्पादन में कमी आने की आशंका व्यक्त हो रही है। इस समय प्राप्त समाचारों के अनुसार कनाडा में मटर उत्पादन वर्ष 2017—18 के दौरान 42.50 लाख टन के लगभग होने की संंभावना है जो पिछले वर्ष 2016—17 में 48.35 लाख टन रहा था। इसलिए उत्पादन में 6 लाख टन के लगभग गिरावट के आसार हैं जो घरेलू स्तर पर आर रही वृद्धि को गायब कर देता है।
देश में इस वर्ष यदि रबी सीजन के दौरान उत्पादन होने वाले दलहनों की बिजाई पर नजर डाली जाये तो मटर बिजाई के मामले में पीछे नहीं है। अभी उत्पादन पिछले वर्ष के मुकाबले शानदार बढ़ने के आसार हैं इसलिए कीमत में गिरावट की संभावना बन रही है।